उत्तराखंड में इस सर्दी में बर्फ न गिरने और लंबे सूखे के कारण जंगल की आग का खतरा बढ़ गया है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ और तापमान में वृद्धि ने जंगलों को अधिक संवेदनशील बना दिया है, जिससे गर्मियों से पहले चिंताएं बढ़ गई हैं।
उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में इस वर्ष सर्दी का मौसम असामान्य रूप से बर्फहीन रहा है, जिससे जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ गया है। राज्य में सर्दियों के दौरान ही जंगल की आग की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो सामान्य नहीं है।
मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होने से बर्फबारी नहीं हो पाई है। इसके अलावा, तापमान में असामान्य वृद्धि और लंबे समय से चली आ रही शुष्कता ने जंगलों को सूखा और जलने के लिए तैयार कर दिया है। यह स्थिति गर्मियों में आग की घटनाओं को और भयावह बना सकती है, क्योंकि हिमालयी पारिस्थितिकी पहले से ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पैटर्न जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है, जो क्षेत्र की जैव विविधता को खतरे में डाल रहा है। राज्य सरकार और वन विभाग को अब सतर्कता बरतनी होगी ताकि आग को नियंत्रित किया जा सके।