डिजिटल अरेस्ट
दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले 81 वर्षीय ओम तनेजा और 77 वर्षीय डॉ. इंदिरा तनेजा ने एक डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले में लगभग 14 करोड़ रुपये गंवा दिए। अमेरिका से 2015 में लौटे इस एनआरआई दंपति को फर्जी पुलिस अधिकारियों ने 16 दिनों तक घर में कैद रखा और पैसे हस्तांतरित करने के लिए धमकाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
AI द्वारा रिपोर्ट किया गया
दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले एक बुजुर्ग डॉक्टर दंपति को धोखेबाजों ने डिजिटल अरेस्ट के बहाने 14 करोड़ रुपये का चूना लगाया। 24 दिसंबर 2025 को फर्जी ट्राई अधिकारी के कॉल से शुरू हुई यह साजिश 17 दिनों तक चली, जिसमें उन्हें वीडियो कॉल पर रखा गया। धोखाधड़ी जनवरी 2026 में सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
27 अक्टूबर 2025 04:15