चुनावी बॉन्ड

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इलेक्टोरल बॉन्ड योजना के समाप्त होने के बाद राजनीतिक फंडिंग में भारी बदलाव आया है, जहां भाजपा को कुल फंडिंग का 85 प्रतिशत मिला है। विपक्षी दलों को न्यूनतम हिस्सा मिला, जो योजना के दौरान अधिक संतुलित था। लेखक सवाल उठाते हैं कि क्या शासक दल को गुमनामी भंग करने से फायदा हुआ।

AI द्वारा रिपोर्ट किया गया

सुप्रीम कोर्ट द्वारा फरवरी 2024 में चुनावी बॉन्ड योजना रद्द करने के बाद, भाजपा को 2024-25 वित्तीय वर्ष में दान 53 प्रतिशत बढ़कर 6,073 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वर्ष के 3,967 करोड़ रुपये की तुलना में यह वृद्धि उल्लेखनीय है, जिसमें अधिकांश राशि चुनावी ट्रस्टों से आई। ट्रस्टों ने कुल 3,811 करोड़ रुपये दान किए, जिनमें से 82 प्रतिशत भाजपा को मिले।

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