माओवादी
छत्तीसगढ़ पुलिस का दावा: माओवादी कमांडर के आत्मसमर्पण के साथ नक्सलवाद का अंत नजदीक
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छत्तीसगढ़ में दो प्रमुख मुठभेड़ों में 14 माओवादियों के मारे जाने और तेलंगाना में शीर्ष माओवादी कमांडर बरसा देवा के आत्मसमर्पण के साथ राज्य पुलिस ने दावा किया है कि सुरक्षा बलों को नक्सलवाद पर ऊपरी हाथ मिल गया है। अतिरिक्त डीजीपी विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि मार्च 2026 की समय सीमा से पहले नक्सल समस्या समाप्त हो जाएगी। तेलंगाना पुलिस का मानना है कि यह आत्मसमर्पण माओवादी सैन्य विंग को अपंग बना देगा।
देश में माओवादी उग्रवाद समाप्त होने के साथ छत्तीसगढ़ से विस्थापित हजारों आदिवासियों का तेलुगु राज्यो में भविष्य अनिश्चित है। वे 15-20 वर्षों से जंगलों में बसकर पोडू खेती कर रहे हैं, लेकिन अब वन भूमि पुनर्प्राप्ति प्रयासों का सामना कर रहे हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने वापसी या रहने के विकल्प सुझाए हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा वामपंथी उग्रवाद उन्मूलन के लिए निर्धारित 31 मार्च 2026 की समय सीमा पर छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने दो वर्षों में 531 माओवादियों को मार गिराया और CPI (माओवादी) के शीर्ष नेतृत्व को तहस-नहस कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि बस्तर क्षेत्र अब नक्सल-मुक्त होने की कगार पर है।