मेडिकल नैतिकता

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया कि जब चिकित्सा हस्तक्षेप व्यर्थ हो जाते हैं, तो राज्य का जीवन संरक्षण का हित रोगी के गरिमापूर्ण मृत्यु के अधिकार के अधीन हो जाता है। यह फैसला 12 वर्ष से अधिक समय से लगातार शाकाहारी अवस्था में एक 32 वर्षीय व्यक्ति के जीवन समर्थन को हटाने को बरकरार रखते हुए आया। न्यायमूर्ति जे.बी. परदीवाला ने गरिमा को मानव का सबसे पवित्र अधिकार बताया।

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