तेल व्यापार

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अमेरिकी प्रशासन द्वारा 30 दिनों की छूट दिए जाने के बाद पांच साल के अंतराल पर भारत-ईरान तेल व्यापार फिर शुरू हो गया है। ईरानी कच्चे तेल से लदा पिंग शुन नामक जहाज गुजरात के वाडिनार बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। भारतीय रिफाइनरों द्वारा कच्चे तेल की कमी का सामना कर रहे समय यह डिलीवरी हो रही है।

AI द्वारा रिपोर्ट किया गया

अमेरिकी व्यापार समझौते के तहत वेनेजुएला से तेल खरीदने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, रूस ने कहा है कि भारत किसी भी देश से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र है। हालांकि, मॉस्को ने नोट किया कि रूसी तेल की मात्रा को बदलना व्यावसायिक रूप से सरल नहीं होगा। भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 88% जरूरत आयात पर निर्भर करता है, जिसमें 2022 के बाद रूसी आपूर्ति महत्वपूर्ण हो गई है।

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