नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता हसनत अब्दुल्लाह ने भारत के खिलाफ कटु बयान दिया है, जिसमें उन्होंने देखते ही गोली मारने की नीति पर सवाल उठाया। यह बयान चुनाव से पहले आया है, जब ढाका में भारत विरोधी प्रदर्शन भी हुए। भारत ने बांग्लादेश के उच्चायोग के सुरक्षा पर चिंता जताई है।
बांग्लादेश के नेशनल सिटिजन पार्टी (साउथ) के चीफ ऑर्गनाइजर हसनत अब्दुल्लाह ने कुमिल्ला के फुलटोली इलाके में एक बैठक के दौरान भारत के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अगर आप देखते ही गोली मारने की पॉलिसी में विश्वास करते हैं, तो मैं देखते ही सलाम करने की पॉलिसी क्यों मानूं?" यह बयान 18 दिसंबर 2025 को आया, जब पार्टी ने उन्हें कुमिल्ला-4 निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया।
हसनत अब्दुल्लाह पहले भी भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों, जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है, को अलग करने की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को पनाह, ट्रेनिंग और वित्तीय सहायता दे रहा है, साथ ही बिना वैलिड दस्तावेजों के हजारों लोग भारत में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा, "आतंकवादियों को पनाह देते हुए और बांग्लादेश में अशांति बनाए रखते हुए आप दोस्ताना संबंधों की उम्मीद नहीं कर सकते।"
इसी बीच, ढाका में भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया। 'जुलाई ओइक्या' बैनर तले ये प्रदर्शनकारी शेख हसीना और अन्य नेताओं के प्रत्यर्पण की मांग कर रहे थे। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम डरे हुए नहीं हैं और हम भारतीय उच्चायोग पर हमला नहीं करेंगे... लेकिन अगर कोई बांग्लादेश पर दबदबा बनाए रखने की कोशिश करता है, तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।" पुलिस ने रामपुर पुल से शुरू हुए जुलूस को नॉर्थ बड्डा में रोक दिया।
भारत ने हाल के मुद्दों पर चिंता जताते हुए बांग्लादेश के उच्चायोग को तलब किया। ढाका के हालात को देखते हुए भारत सरकार ने वहां वीजा एप्लिकेशन सेंटर बंद कर दिया। बांग्लादेश में अगला आम चुनाव 12 फरवरी 2026 को निर्धारित है, जिसके बाद से भारत विरोधी गतिविधियां बढ़ गई हैं।