बांग्लादेश के शरियतपुर जिले में हिंदू व्यक्ति खोकोन चंद्रा दास पर भीड़ ने हमला किया, उन्हें चाकू मारा, पेट्रोल डाला और आग लगा दी। उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए तालाब में कूद गए। यह घटना अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की तीसरी घटना है, जो मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत चिंता बढ़ा रही है।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है, जैसा कि शरियतपुर जिले में हुई ताजा घटना से स्पष्ट है। 2 जनवरी 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, खोकोन चंद्रा दास (ट्रांसक्रिप्ट में कोकॉनचंद्रा के रूप में उल्लिखित) पर स्थानीय भीड़ ने हमला किया। हमलावरों ने उन्हें चाकू घोंपा, पेट्रोल से भिगोया और आग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दास ने तालाब में कूदकर अपनी जान बचाई।
यह घटना हाल के हफ्तों में अल्पसंख्यक समुदाय पर हमलों की तीसरी कड़ी है। इससे पहले, राजबारी में अमृत मंडल और मायमेनसिंह में दीपू चंद्रदास की हत्या हुई थी। ये घटनाएं मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के दौरान हो रही हैं, जो पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठा रही हैं।
रिपोर्ट में उल्लेख है कि इस तरह की हिंसा हिंदू समुदाय के लिए खतरा बन रही है, और पड़ोसी भारत में भी इस पर चिंता व्यक्त की जा रही है। हालांकि, आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच के विवरण अभी स्पष्ट नहीं हैं। ये हमले साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ावा दे रहे हैं, जहां मानवाधिकारों की रक्षा एक प्रमुख मुद्दा है।