कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय पहुंचा और वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ बातचीत की। यह 2020 गलवान घाटी संघर्ष के बाद दोनों पक्षों के बीच पहली औपचारिक पार्टी-से-पार्टी बैठक है।
दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना (सीसीपी) का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा, जो 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद पहली बार दोनों दलों के बीच औपचारिक बातचीत का प्रतीक है। इस बैठक में वरिष्ठ बीजेपी नेताओं ने चीनी प्रतिनिधियों से भारत-चीन संबंधों पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संभवतः सुन हैयान कर रही हैं, जबकि बीजेपी की ओर से अरुण सिंह जैसे नेता शामिल हुए। यह घटना भारत-चीन संबंधों में गर्मजोशी के संकेत देती है, खासकर LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पर तनाव के बाद। गलवान संघर्ष में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित किया था।
कीवर्ड्स से पता चलता है कि यह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और नरेंद्र मोदी के प्रयासों से जुड़ा हो सकता है, हालांकि स्रोत में विस्तार नहीं है। राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी उल्लेखनीय हैं, लेकिन मुख्य फोकस दोनों दलों की बातचीत पर है। यह लद्दाख क्षेत्र में शांति की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।