रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेता 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में रक्षा, व्यापार और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा करेंगे। यह यात्रा रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद पुतिन का पहला भारत दौरा है।
गुरुवार शाम पालम एयरपोर्ट पर पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर पुतिन का स्वागत किया, हाथ मिलाया और गले लगाया। पारंपरिक नृत्य प्रदर्शन के बाद दोनों नेता एक ही कार में 7 लोक कल्याण मार्ग पहुंचे, जहां मोदी ने डिनर आयोजित किया। मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "अपने दोस्त राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। भारत-रूस की दोस्ती मुश्किल समय की कसौटी पर खरी उतरी है।"
मोदी ने पुतिन को रूसी भाषा में अनूदित भगवद्गीता भेंट की, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक बंधन का प्रतीक है। यह पुतिन का 2021 के बाद पहला भारत दौरा है, हालांकि 2024 में मोदी मॉस्को गए थे।
दूसरे दिन का शेड्यूल: सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर, 11:30 बजे राजघाट पर गांधी को श्रद्धांजलि, 11:50 बजे मोदी से बैठक, दोपहर 1:50 बजे संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस, शाम 7 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात, और रात 9 बजे प्रस्थान।
बातचीत में एस-400 सिस्टम, सु-57 विमान, परमाणु ऊर्जा और तेल आपूर्ति पर फोकस होगा। पुतिन ने हाल के इंटरव्यू में कहा, "प्रधानमंत्री मोदी एक भरोसेमंद व्यक्ति हैं, जो दबाव में नहीं झुकते। भारत एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी है।" दोनों देश राष्ट्रीय मुद्राओं में 90% से अधिक लेनदेन करते हैं। यात्रा भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी।