जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 जनवरी 2026 को अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर अहमदाबाद पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों पर केंद्रित होगी। दोनों नेता साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे और काइट फेस्टिवल में भाग लेंगे।
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज 12 जनवरी 2026 को सुबह सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उनका स्वागत किया। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 12-13 जनवरी तक है और चांसलर बनने के बाद मर्ज की पहली एशिया यात्रा है।
प्रधानमंत्री मोदी सुबह साबरमती आश्रम पहुंचे, जहां पुनर्विकास परियोजना की समीक्षा की। सुबह 9:30 बजे वे मर्ज का स्वागत करेंगे। वार्ता में व्यापार, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण तकनीकों पर सहयोग बढ़ाने पर जोर होगा। जर्मनी भारत का यूरोपीय संघ में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 51.23 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, यूक्रेन में शांति बहाली और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा होगी। एक प्रमुख आकर्षण 5 बिलियन यूरो का पनडुब्बी सौदा है, जिसमें जर्मन कंपनी थिसेनक्रुप और मझगांव डॉक के बीच भारतीय नौसेना के लिए छह स्टील्थ पनडुब्बियों की आपूर्ति शामिल है। यह 'मेक इन इंडिया' की बड़ी परियोजनाओं में से एक है।
दोनों नेता ऐतिहासिक साबरमती आश्रम का दौरा करेंगे, शहर के काइट फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे और कौशल विकास कार्यक्रम में शामिल होंगे। अहमदाबाद के बाद मर्ज बेंगलुरु जाएंगे। यह यात्रा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के बाद हो रही है। दोनों देश 'इंडो-जर्मन ग्रीन हाइड्रोजन रोडमैप' पर काम कर रहे हैं। जल्द ही यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता भारत आएंगे, जहां भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा संभव है।
"Welcome to India! Willkommen in Indien!" मर्ज के आगमन पर ट्वीट में कहा गया।