सोमवार को दिल्ली-एनसीआर घने स्मॉग में लिपटा रहा, जिससे शहर भर में दृश्यता तेजी से कम हो गई और दिल्ली हवाई अड्डे को कैट III स्थितियों में संचालित होना पड़ा। उत्तर भारत के कई अन्य हवाई अड्डों, उत्तर प्रदेश के सरसावा, आगरा, बरेली, हिंदोन और पंजाब के भटिंडा में शून्य दृश्यता दर्ज की गई।
2 फरवरी 2026 को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में घना कोहरा छा गया, जिसने दृश्यता को काफी कम कर दिया। इस स्मॉग ने शहर की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित किया, विशेष रूप से हवाई यातायात को। दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कैट III मोड में स्विच हो गया, जो कम दृश्यता में उन्नत उपकरणों का उपयोग करके लैंडिंग की अनुमति देता है।
उत्तर भारत के अन्य हवाई अड्डों पर स्थिति और खराब थी। उत्तर प्रदेश के सरसावा, आगरा, बरेली और हिंदोन तथा पंजाब के भटिंडा में दृश्यता शून्य हो गई। एयरलाइंस ने यात्रियों को उड़ानों में विलंब की चेतावनी दी।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली के मौसम अपडेट जारी किए, जिसमें कोहरे, स्मॉग के प्रभाव, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई), यातायात व्यवधान और उड़ान स्थिति पर जोर दिया गया। यह घटना दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान आम समस्या को उजागर करती है, जहां कोहरा अक्सर हवाई और सड़क यातायात को बाधित करता है।