दिल्ली-एनसीआर पर घने कोहरे और जहरीले स्मॉग की मोटी चादर छाई हुई है, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई है। कई इलाकों में AQI 466 तक पहुंच गया है, जो गंभीर श्रेणी में है, और GRAP के सख्त प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। फ्लाइट्स, ट्रेनें और सड़क यातायात प्रभावित हो रहे हैं।
18 जनवरी 2026 को दिल्ली और एनसीआर में घने कोहरे और स्मॉग ने स्थिति को जटिल बना दिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, मोती बाग में AQI 466 और आईटीओ में 443 दर्ज किया गया, जो दोनों 'गंभीर' श्रेणी में हैं। शनिवार शाम को AQI 354 से बढ़कर 428 हो गया, जिसके बाद GRAP स्टेज-IV के कड़े उपाय लागू किए गए। अधिकारियों ने बताया कि कमजोर हवाएं और प्रदूषकों का न फैल पाना इसका कारण है।
विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई, जिससे बारापुल्ला फ्लाईओवर, निजामुद्दीन, आईटीओ, मोती बाग और डीएनडी फ्लाईवे जैसे इलाकों में यातायात बाधित हो गया। उत्तर भारत में भी घना कोहरा छाया रहा। फ्लाइट ऑपरेशंस प्रभावित हुए, और एयर इंडिया ने यात्रियों को सलाह दी कि वे फ्लाइट स्टेटस चेक करें और अतिरिक्त समय लें। एयरलाइन के फॉगकेयर प्लान के तहत प्रभावित यात्रियों को री-शेड्यूलिंग या कैंसिलेशन की सुविधा बिना अतिरिक्त शुल्क के दी जा रही है। एयर इंडिया ने कहा, 'यात्रियों और क्रू की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'
दिल्ली एयरपोर्ट अथॉरिटी ने चेक-इन और सिक्योरिटी के लिए अतिरिक्त समय रखने की सलाह दी, खासकर गणतंत्र दिवस की तैयारियों के कारण। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार को न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम है, और अधिकतम 24.6 डिग्री। ह्यूमिडिटी 72 फीसदी रही। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 20 जनवरी तक तापमान बढ़ेगा, हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 23 से 26 जनवरी के बीच ठंड का एक और दौर आएगा। इंडिया टुडे के अनुसार, AQI 439 रहा और ट्रेनें भी विलंबित हुईं।