राजस्थान के सीकर जिले के अगलोई गांव के विक्रम वर्मा और ब्यावर जिले के लालपुरा गांव के पप्पू सिंह की ड्रोन हमलों में मृत्यु हो गई। मंगलवार को उनके शव गांवों में पहुंचे, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। विक्रम ने परिवार की बेहतर जिंदगी के लिए ओमान का रुख किया था।
पुलिस के अनुसार, 13 मार्च को ओमान में वेस्ट एशिया संघर्ष के बीच ड्रोन हमलों में राजस्थान के दो युवकों की मौत हो गई। विक्रम वर्मा, सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र के अगलोई गांव का निवासी, 23 फरवरी को ओमान गया था और वहां एक निर्माण कंपनी में सड़क परियोजनाओं पर काम कर रहा था। हमले से एक दिन पहले उसने परिवार से बात की थी और वहां की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। विक्रम के चाचा महेश वर्मा ने बताया, 'विक्रम तीन बहनों में इकलौता बेटा था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है, जबकि दो छोटी बहनें पढ़ रही हैं। पिता की आय अपर्याप्त थी और मां छह माह से बिस्तर पर हैं। वह परिवार के लिए बेहतर कमाई के लिए गया था। जब मौत की खबर मिली तो परिवार में सन्नाटा छा गया। किसी ने नहीं सोचा था कि यही उसकी नियति होगी।' खबर विक्रम के मामा के भाई ने दी, जो उसी कंपनी में दूसरे स्थान पर काम करता है और शव को भारत लाने में साथ रहा। पप्पू सिंह ब्यावर जिले के रायपुर उपखंड के लालपुरा गांव का रहने वाला था। दोनों शव जयपुर एयरपोर्ट लाए गए, फिर गांवों में पहुंचे। दोनों गांवों में शोक की लहर है।