केरल के कोची में एक प्रदर्शनी को कलाकार टॉम वट्टाकुझी की पेंटिंग पर विवाद के बाद बंद कर दिया गया, जो ईसा मसीह के अंतिम भोज को दर्शाती है। ईसाई संगठनों ने आरोप लगाया कि यह कला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है और परंपरागत चित्रण का अपमान करती है। यह टुकड़ा कोची-मुजिरिस बिएनाले के 'इदम' शो का हिस्सा था।
केरल के कोची में कोची-मुजिरिस बिएनाले के हिस्से के रूप में 'इदम' क्यूरेटेड शो में प्रदर्शित टॉम वट्टाकुझी की पेंटिंग ने धार्मिक विवाद को जन्म दिया। ईसाई संगठनों, जिसमें सिरो-मलबार चर्च शामिल है, ने दावा किया कि यह कला ईसा मसीह और अंतिम भोज के पारंपरिक चित्रण का अपमान करती है तथा धार्मिक भावनाओं को आहत करती है। परिणामस्वरूप, प्रदर्शनी को बंद कर दिया गया।
यह घटना 1 जनवरी 2026 को रिपोर्ट की गई, जब बिएनाले के दौरान विवाद उभरा। कलाकार केरल आधारित हैं, और कला को लेकर उठे सवालों ने स्थानीय समुदाय में तनाव पैदा किया। स्रोतों के अनुसार, संगठनों ने धार्मिक संवेदनशीलता का हवाला देते हुए प्रदर्शनी को तत्काल बंद करने की मांग की। कोई प्रत्यक्ष उद्धरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन विवाद मुख्य रूप से पेंटिंग की व्याख्या पर केंद्रित है।
यह मामला कला और धार्मिक अभिव्यक्ति के बीच संतुलन को उजागर करता है, विशेष रूप से भारत जैसे बहुसांस्कृतिक समाज में।