मध्य प्रदेश के सतना जिले के एक सरकारी अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित छह बच्चों को रक्त आधान के बाद एचआईवी संक्रमण हो गया। राज्य सरकार ने ब्लड बैंक प्रभारी और दो लैब तकनीशियनों को निलंबित कर दिया है। एक पूर्व सिविल सर्जन को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी अस्पताल में जनवरी से मई 2025 के बीच थैलेसीमिया के इलाज के लिए रक्त आधान लेने वाले छह बच्चों को एचआईवी हो गया। एक बच्चे के माता-पिता भी प्रभावित हुए हैं। राज्य के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 16 दिसंबर 2025 को एक समिति गठित की थी, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई।
ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. देवेंद्र पटेल, लैब तकनीशियन राम भाई त्रिपाठी और नंदलाल पांडे को निलंबित कर दिया गया है। पूर्व सिविल सर्जन मनोज शुक्ला को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है और उन्हें लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया, तो कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, कुछ रिपोर्टों में संक्रमित बच्चों की संख्या चार बताई गई है, लेकिन आधिकारिक जांच में छह की पुष्टि हुई है। सभी प्रभावित व्यक्ति एचआईवी प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज करा रहे हैं। यह घटना सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में खामियों को उजागर करती है और आगे की जांच की मांग कर रही है।