पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बरासत में एक निजी अस्पताल के दो स्वास्थ्यकर्मियों में निपाह वायरस के संदिग्ध मामले पाए गए हैं। दोनों की हालत गंभीर है और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। राज्य सरकार ने संपर्क ट्रेसिंग शुरू कर दी है और केंद्र से सहायता का आश्वासन मिला है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि बरासत के एक निजी अस्पताल में कार्यरत एक पुरुष नर्स और एक महिला नर्स, जो 20 के दशक की शुरुआत के हैं, में निपाह वायरस के संदिग्ध मामले पाए गए हैं। मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने कहा, 'दो संदिग्ध मामले सामने आए हैं। दोनों एक ही अस्पताल में काम करते थे और अब वहीं भर्ती हैं। हमने संपर्क ट्रेसिंग शुरू कर दी है।' दोनों दिसंबर में पूर्वी मिदनापुर और पूर्व बर्धमान गए थे और बीमार पड़ गए।
उनके नमूने पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं पुष्टि के लिए। स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम ने कहा, 'संपर्क ट्रेसिंग शुरू हो गई है। कुछ संपर्कों को घर पर अलग-थलग रहने को कहा गया है। हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और परीक्षण की पर्याप्त क्षमता है।' उत्तर 24 परगना, पूर्व बर्धमान और पूर्वी मिदनापुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठकें हुईं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात की और तकनीकी, लॉजिस्टिकल व ऑपरेशनल सहायता का आश्वासन दिया। एक नेशनल जॉइंट आउटब्रेक रिस्पॉन्स टीम तैनात की गई है। राज्य ने हेल्पलाइन नंबर 033-2333-0180 और 98747-08858 सक्रिय किए हैं।
निपाह वायरस फल चमगादड़ों से जुड़ा है, जिसकी मृत्यु दर 70% है। यह संक्रमित जानवरों के संपर्क से मनुष्यों में फैलता है। सरकार ने घबराने से मना किया है और सावधानियां बरतने को कहा है, जैसे चमगादड़ों से दूषित फल न खाना। पिछले निपाह प्रकोप केरल में हुए थे, जबकि पश्चिम बंगाल में 2001 में सिलिगुड़ी में देखा गया था।