ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच लगभग 900 भारतीय नागरिक, ज्यादातर जम्मू-कश्मीर के छात्र, आर्मेनिया और अजरबैजान में प्रवेश कर चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 882 लोगों ने सीमा पार की है और कुछ घर लौट चुके हैं। दूतावास ने उनकी सहायता की है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, गुरुवार को ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायस्वाल ने बताया कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य हमलों के बाद संघर्ष शुरू होने पर ईरान में करीब 9,000 भारतीय थे। ईरान का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारतीय दूतावास ने नागरिकों को आर्मेनिया और अजरबैजान जाने में मदद की तथा तेहरान और قم से सैकड़ों छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। 772 भारतीय आर्मेनिया पहुंचे, जबकि 110 अजरबैजान में। आर्मेनिया गए 284 तीर्थयात्रियों में से अधिकांश घर लौट चुके हैं। जायस्वाल ने कहा, “ईरानी सीमा आसानी से पार हो जाती है लेकिन अजरबैजान पक्ष पर अटक जाते हैं।” अजरबैजान सीमा पर बड़ी संख्या में लोगों के कारण प्रवाह में कठिनाई हो रही है। सूत्रों के अनुसार, अजरबैजान प्रतिदिन केवल 10 भारतीयों को अनुमति देता है, जिसके बाद अन्यों को वापस भेज दिया जाता है। कई कश्मीरी छात्र सस्ते उड़ानों के कारण अजरबैजान जाना चाहते हैं। तेहरान मिशन ने सभी भारतीयों को दूतावास से समन्वय करने की सलाह दी है।