पंजाब कैबिनेट ने शनिवार को नई औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी दी, जिसमें छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए सब्सिडी की पात्रता आसान की गई है और महिलाओं को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति दी गई है। यह नीति रोजगार सृजन पर केंद्रित है और राज्य को 2026 तक 75,000 करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखती है।
पंजाब सरकार ने नई औद्योगिक नीति 2026 को मंजूरी देकर व्यवसायों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन पेश किए हैं। नीति के तहत, उद्योगों को रोजगार सृजन के लिए न्यूनतम 25 करोड़ रुपये निवेश और 50 श्रमिकों की आवश्यकता होगी, जो पहले 250 करोड़ रुपये और 1,000 कर्मचारियों से कम है।
पुरुष कर्मचारियों के लिए प्रति माह 3,000 रुपये और महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति तथा विकलांग व्यक्तियों के लिए 4,000 रुपये का वेतन समर्थन प्रदान किया जाएगा। आईटी क्षेत्र में प्रति कर्मचारी 5,000 रुपये और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के लिए 7,500 रुपये मासिक समर्थन मिलेगा।
महिलाओं को औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा उपायों के साथ रात्रि पाली में काम करने की अनुमति दी गई है। प्रोत्साहनों की अवधि को 7-10 वर्ष से बढ़ाकर 10-15 वर्ष कर दिया गया है।
नीति उद्योग हितधारकों के साथ विस्तृत परामर्श के बाद तैयार की गई, जिसमें 24 क्षेत्रीय समितियों ने 601 सिफारिशें दीं, जिनमें से 77 प्रतिशत शामिल की गईं। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, आईटी और इलेक्ट्रिक वाहनों को अतिरिक्त 25 प्रतिशत प्रोत्साहन मिलेगा। सीमावर्ती जिलों और कंडी क्षेत्र में स्थापित इकाइयों को भी 25 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ होगा।
स्टार्टअप्स के लिए बीज अनुदान 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया है, साथ ही स्केलिंग के लिए 10 लाख रुपये का दूसरा चरण जोड़ा गया। मोहाली में इनोवेशन एंड स्टार्टअप हब स्थापित करने की योजना है। पर्यावरणीय स्थिरता के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम पर 10 करोड़ तक और धान की पराली आधारित बॉयलर पर 7.5 करोड़ रुपये का सब्सिडी मिलेगा।
फास्टट्रैक पोर्टल के माध्यम से 45 कार्य दिवसों में डिजिटल मंजूरियां सुनिश्चित की जाएंगी। राज्य ने औद्योगिक भूमि बैंक का विस्तार भी किया है। वित्तीय वर्ष 2024 में 25,000 करोड़ और 2025 में 55,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ था।