पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विवादास्पद वीडियो को लेकर लगे आरोपों को खारिज कर दिया है। विपक्षी दल उनके इस्तीफे और सामाजिक बहिष्कार की मांग कर रहे हैं।
बुधवार को भगवंत मान ने एक वीडियो संदेश में कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर उन्हें धार्मिक आधार पर बदनाम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट उनके पक्ष में है और वीडियो में वे नहीं हैं।
विपक्ष ने अकाल तख्त के अधिकार को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए मान के खिलाफ नई अश्लीलता विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने सामाजिक बहिष्कार का आह्वान किया।
गुरुग्राम पुलिस ने कथित फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट के मामले में अरुण महेंद्रू और अंकित भारद्वाज को आठ दिनों की पुलिस हिरासत में लिया। अदालत में बताया गया कि दोनों पर रिश्वत का आरोप है और कोई प्रयोगशाला मौजूद नहीं मिली।