पंजाब पुलिस ने मध्य प्रदेश के पंधुरना जिले से चार साल से फरार पूर्व भारतीय सेना कप्तान संदीप तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। वह 2013 में अपनी पत्नी की हत्या के लिए उम्रकैद की सजा काट चुका था। एलपीजी सिलेंडर रिफिल बुकिंग के जरिए उसका पता लगाया गया।
संदीप तोमर ने अपनी पहचान बदल ली थी और रूप बदल लिया था, जिससे वह नौकरी पा गया। लेकिन उसने सैलरी खाते के लिए अपना पुराना पैन नंबर इस्तेमाल किया और उसी खाते से भारत गैस का एलपीजी सिलेंडर रिफिल का भुगतान किया। इन गलतियों से फाजिल्का पुलिस की एसआईटी ने राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नैटग्रिड) की मदद से उसका पता लगाया।
2013 में अबोहर कैंटोनमेंट में तैनात तोमर ने अपनी पत्नी श्वेता सिंह को, जिससे शादी को पांच महीने ही हुए थे, गला घोंटकर मार डाला और इसे आत्महत्या बताने की कोशिश की। 2014 में स्थानीय अदालत ने उसे हत्या का दोषी ठहराकर उम्रकैद की सजा सुनाई, सेना ने बर्खास्त कर दिया और फिरोजपुर जेल भेजा। 2019 में अपील के दौरान जमानत मिली, लेकिन 2022 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सजा बरकरार रखी और वह सरेंडर नहीं हुआ।
फाजिल्का एसएसपी ने एसपी आसवंत सिंह के नेतृत्व में एसआईटी गठित की। जांच में बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डेटा रिकॉर्ड से पंधुरना का पता चला। गैस एजेंसी से डिलीवरी एड्रेस लेकर स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया। अबोहर अदालत ने शनिवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
जमानत के बाद तोमर जिरकपुर में रियल एस्टेट एजेंट रहा, फिर ओडिशा, बेंगलुरु और मध्य प्रदेश चला गया। वहां दूसरी पत्नी के साथ रह रहा था। जांच अधिकारी ने कहा, "गैस एजेंसी से पता मिला तो तुरंत गिरफ्तार कर लिया।"