'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान युद्ध पर चर्चा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मंगलवार को हुई फोन कॉल में अरबपति एलन मस्क भी शामिल थे। यह असामान्य कदम कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा रहा है, क्योंकि मस्क कोई सरकारी पद पर नहीं हैं। न तो अमेरिका और न ही भारत ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।
मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' ने दावा किया है कि 24 मार्च को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया, जिसमें एलन मस्क भी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य विषय मिडिल ईस्ट की स्थिति, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखना और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति था।
यह कॉल 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद पहली थी, जब संघर्ष ने अपना चौथा सप्ताह पूरा कर लिया। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी कर दी, जिससे तेल कीमतें बढ़ गईं और एशिया में चिंताएं बढ़ीं। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर कहा, "भारत डी-एस्केलेशन और शांति बहाली का समर्थन करता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला, सुरक्षित और सुलभ रखना पूरी दुनिया के लिए जरूरी है।"
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा के लिए कॉल किया, जिसमें खाद्य और ईंधन सुरक्षा की चिंताएं शामिल थीं। मस्क की मौजूदगी असामान्य मानी जा रही है, क्योंकि संकटकाल में आमतौर पर केवल सरकारी अधिकारी शामिल होते हैं। यह ट्रंप और मस्क के संबंधों में सुधार का संकेत हो सकता है, जो पहले तनावपूर्ण थे। मस्क भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के लिए मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। भारत सरकार या मस्क की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। हिंदुस्तान टाइम्स ने जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की। इससे एक दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की थी।