उत्तर प्रदेश पुलिस ने खुलासा किया है कि एक सेवानिवृत्त भारतीय वायु सेना अधिकारी के बेटों ने संपत्ति विवाद के कारण उनकी हत्या की साजिश रची। योगेश कुमार को 26 दिसंबर को गाजियाबाद में गोली मार दी गई। एक ठेका कातिल गिरफ्तार हुआ है, जबकि बेटे और एक अन्य संदिग्ध फरार हैं।
26 दिसंबर को गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में अशोक विहार के पास एक भयानक हत्या हुई, जहां 58 वर्षीय सेवानिवृत्त आईएएफ अधिकारी योगेश कुमार को दो बाइक सवार अज्ञात व्यक्तियों ने गोली मार दी। कुमार बागपत के निवासी थे और दिल्ली- सहारनपुर रोड की ओर पैदल जा रहे थे, जब दोपहर करीब 12:40 बजे वे फोन पर बात कर रहे थे। हमलावरों ने उन पर बंदूक तान दी और सिर में गोली मार दी, जिससे वे अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित हो गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे कुमार के बेटों का हाथ है, जो पिता की संपत्ति पर लालच के चलते उन्हें घर खाली करने के लिए मजबूर कर रहे थे। बेटों ने पड़ोसी अरविंद को ठेका कातिल के रूप में हायर किया, जिसने अपनी बहनोई नवीन की मदद से वारदात को अंजाम दिया। नवीन कौशांबी जिले में तैनात एक यूपी पुलिस कांस्टेबल है।
अरविंद को बुधवार शाम गिरफ्तार किया गया और गुरुवार को गाजियाबाद की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उसके कब्जे से .315 बोर की देशी पिस्तौल, दो जिंदा कारतूस और खोखे कारतूस बरामद हुए। नवीन और कुमार के दो बेटे अभी फरार हैं, और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
अपराध स्थल से .315 कैलिबर का एक जिंदा कारतूस मिला था। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि कुमार हमलावरों को जानते थे और भागने की कोशिश की। पुलिस ने शिकायत पर एफआईआर दर्ज की और कई टीमों का गठन कर सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पीटीआई के अनुसार, पुलिस ने कहा कि बेटों ने संपत्ति के लोभ में हत्या की योजना बनाई। यह घटना परिवारिक विवादों से जुड़े अपराधों की गंभीरता को उजागर करती है।