सेंसेक्स, निफ्टी मध्य पूर्व तनाव के बीच कमजोर शुरुआत की संभावना

भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों के लिए शुक्रवार को सुस्त शुरुआत के शुरुआती संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स पिछले बंद स्तर से नीचे कारोबार कर रहे हैं, जो निवेशकों में सतर्कता का संकेत देता है। मध्य पूर्व युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों के प्रभाव से बाजार पर दबाव है।

13 मार्च 2026 को, भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी के लिए कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सुबह 07:57 बजे गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स 23,549.5 पर कारोबार कर रहे थे, जो गुरुवार के निफ्टी 50 के बंद स्तर 23,639.15 से नीचे है। इससे निफ्टी 50 के आज कम स्तर पर खुलने की संभावना है।

कीवर्ड्स में उल्लिखित अनुसार, मध्य पूर्व युद्ध और ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का भारतीय बाजार पर प्रभाव पड़ रहा है। विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे इस सप्ताह निफ्टी में साप्ताहिक गिरावट आई है। वैश्विक संकेत सेंसेक्स और निफ्टी को प्रभावित कर रहे हैं।

निफ्टी के समर्थन और प्रतिरोध स्तरों पर नजर रखी जा रही है, जबकि बाजार का आउटलुक आज भारत में नकारात्मक दिख रहा है। यह सप्ताह बाजारों की गिरावट का विश्लेषण कर रहा है, जिसमें कच्चे तेल का प्रभाव प्रमुख है।

संबंधित लेख

Dramatic composite image depicting Strait of Hormuz oil tanker explosion from US-Israeli strikes on Iran alongside Indian stock market crash amid surging oil prices.
AI द्वारा उत्पन्न छवि

Middle East Conflict: Tuesday Market Losses Mount as Oil Surges Continue

AI द्वारा रिपोर्ट किया गया AI द्वारा उत्पन्न छवि

Following US and Israeli strikes on Iran that killed Supreme Leader Ali Khamenei and prompted Strait of Hormuz disruptions, oil prices rose nearly 8% amid ongoing tensions. Indian markets shed Rs 6.35 lakh crore on Tuesday, with the rupee weakening on supply fears. Globally, the dollar strengthened as a safe haven while the yen and euro weakened.

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों से कच्चे तेल की कीमतें उछल गईं, जिससे निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जो वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।

AI द्वारा रिपोर्ट किया गया

ईरान युद्ध से बढ़ती अनिश्चितता, अस्थिर कच्चे तेल की कीमतों और व्यापक संघर्ष के डर के कारण निवेशकों की प्रतिक्रिया में भारत के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखी गई है। कई खुदरा निवेशकों के म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार पोर्टफोलियो लाल निशान में चले गए हैं।

Following initial market shocks from West Asia conflict, Indian equities saw major foreign investor outflows and remain volatile amid rising oil prices. FPIs withdrew $751.4 million on March 2—the largest daily pullout in four months—with markets resuming post-Holi holiday on March 4 under continued pressure.

AI द्वारा रिपोर्ट किया गया

मुंबई के शेयर बाजार में सोमवार को सेंसेक्स 87.45 अंकों की बढ़त के साथ 83,965.62 पर खुला, जबकि निफ्टी 39.40 अंकों ऊपर 25,829.70 पर कारोबार कर रहा था। सुबह 9:23 बजे तक यह स्थिति थी। इटरनल आईटी शेयरों में 3% की तेजी देखी गई।

As the US-Israel-Iran conflict escalates following February 28 strikes and weekend retaliation—including the reported death of Ayatollah Khamenei—the Strait of Hormuz has closed, pushing oil prices to new highs and intensifying market volatility. Updated casualties exceed 740, while analysts predict inflation spikes and delayed rate cuts. Mexico sees sharp peso depreciation and stock plunges.

AI द्वारा रिपोर्ट किया गया

The price of Brent Crude Oil has risen to nearly 84 dollars per barrel amid ongoing conflict in the Middle East. This surge marks the highest level since July 2024 and raises concerns about potential supply disruptions through the Strait of Hormuz. Analysts warn that the escalation could compound global inflation risks.

 

 

 

यह वेबसाइट कुकीज़ का उपयोग करती है

हम अपनी साइट को बेहतर बनाने के लिए विश्लेषण के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं। अधिक जानकारी के लिए हमारी गोपनीयता नीति पढ़ें।
अस्वीकार करें