छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बिरानपुर गांव में 2023 की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान पिता-पुत्र की हत्या के मामले में 17 सभी आरोपी को सत्र न्यायालय ने बरी कर दिया है। पीड़ित रहिम उमाद मोहम्मद और उनके बेटे इदुल मोहम्मद को मवेशी चराने गए समय भीड़ ने पत्थरों और लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला था। यह फैसला राज्य विधानसभा चुनावों से पहले हुई घटना के वर्षों बाद आया है।
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के बिरानपुर गांव में 10 अप्रैल 2023 को हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के रहिम उमाद मोहम्मद (55) और उनके बेटे इदुल मोहम्मद (35) की हत्या के मामले में गिरफ्तार 17 पुरुषों को मंगलवार को बेमेतरा सत्र न्यायालय ने बरी कर दिया। घटना चेचनमेटा में हुई, जहां पीड़ित मवेशी चराने गए थे, और शव अगली सुबह मिले।
यह घटना राज्य विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले हुई। 8 अप्रैल 2023 को दो नाबालिगों के बीच छोटी-सी लड़ाई से हिंसा भड़क गई, जिसमें हिंदूओं को पीटे जाने की अफवाहें फैलीं। इसके बाद गांव में बैठक हुई और टकराव में 23 वर्षीय भुनेश्वर साहू की मौत हो गई। 9 अप्रैल को बिरानपुर में 700 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। 10 अप्रैल को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने बंद का ऐलान किया, और तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं वर्तमान उपमुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में भीड़ गांव में घुसने की कोशिश की।
उसी दिन बिरानपुर के पास रहिम की बेटी और दामाद का घर जलाया गया। पुलिस की सलाह के विरुद्ध रहिम और उनके बेटे मवेशी चराने निकले थे। घटना के बाद छह एफआईआर दर्ज हुईं, जिनमें हत्या का मामला शामिल था, और 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद में भाजपा ने चुनाव जीते और साहू हत्याकांड को सीबीआई को सौंप दिया। भुनेश्वर साहू के पिता इश्वर साहू को भाजपा ने सजा विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया, जहां वे विधायक बने।
विस्तृत अदालती आदेश अभी अपलोड नहीं हुआ है।