मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों से पहले उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की एमएनएस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है। समझौते के तहत शिवसेना (यूबीटी) 150 से अधिक सीटों पर और एमएनएस 60-70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। आधिकारिक घोषणा आज होने की संभावना है।
मुंबई, 23 दिसंबर 2025। महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण विकास हुआ है, जहां उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने बीएमसी के 227 सीटों वाले चुनावों के लिए सीट बंटवारे पर सहमति जाहिर की है। यह गठबंधन मराठी वोट बैंक को एकजुट करने और वोटों के बंटवारे को रोकने का प्रयास है, ताकि सत्तारूढ़ महायुति को लाभ न हो।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार को हुई अंतिम बातचीत के बाद यह समझौता तय हुआ। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने राज ठाकरे से मुलाकात कर 10-12 विवादित सीटों पर सहमति बनाई। इसके बाद एमएनएस के नेता नितिन सरदेसाई और बाला नांदगांवकर ने मातोश्री जाकर उद्धव ठाकरे से मिलकर गठबंधन को अंतिम रूप दिया।
शेष सीटें एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) और अन्य सहयोगी दलों को मिल सकती हैं। आधिकारिक ऐलान वर्ली के एनएससीआई डोम में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होगा, जिसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस के एमएनएस से वैचारिक मतभेदों के कारण वह अकेले चुनाव लड़ सकती है, लेकिन उद्धव गुट को 'मा-मु' (मराठी-मुस्लिम) रणनीति पर भरोसा है। संजय राउत राहुल गांधी के संपर्क में हैं ताकि महा विकास आघाड़ी को एकजुट रखा जा सके। एनसीपी (एसपी) भी मध्यस्थता कर रही है।
दूसरी ओर, बीजेपी और शिंदे शिवसेना के बीच भी सीट बंटवारे की बैठकें चल रही हैं। यह गठबंधन मुंबई की राजनीति के समीकरण बदल सकता है।