गृह मंत्रालय
संघ गृह सचिव गोविंद मोहन ने कुछ प्रत्यर्पित व्यक्तियों को संबंधित अपराधों के अलावा अन्य मामलों में फंसाने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह प्रत्यर्पण अधिनियम, 1962 की धारा 21 का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने राज्यों को सख्त अनुपालन का निर्देश दिया।