बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण में आज 122 सीटों पर मतदान शुरू हो गया है। 3.7 करोड़ से अधिक मतदाता, जिनमें 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं, 1,302 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। यह चरण एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर सीमांचल क्षेत्र में।
11 नवंबर 2025 को बिहार के 20 जिलों में फैले 122 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चलेगा। कुल 45,399 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 40,073 ग्रामीण क्षेत्रों में और 5,326 शहरी क्षेत्रों में हैं। पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर 64.66% मतदान दर्ज हुआ था, जो बिहार का अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है।
इस चरण में मिथिलांचल, सीमांचल, मगध, शाहाबाद और तिरहुत क्षेत्रों की सीटें शामिल हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक होने से राजनीतिक दलों के लिए यह परीक्षा बन गई है। 101 सीटें सामान्य, 19 अनुसूचित जाति और 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। एनडीए पर विपक्ष 'घुसपैठियों को संरक्षण' देने का आरोप लगा रहा है, जबकि महागठबंधन अल्पसंख्यक वोटों पर भरोसा कर रहा है।
प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा की रेणु देवी (बेतिया), पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद (कटिहार), जेडीयू के विजेंद्र प्रसाद यादव (सुपौल) और पूर्व स्पीकर उदय नारायण चौधरी (सिकंदरा) शामिल हैं। एनडीए की सहयोगी पार्टियां जैसे हितुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) की सभी 6 सीटें और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उम्मीदवार इस चरण में मैदान में हैं। सुरक्षित मतदान के लिए 4 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
मतदान के बाद शाम 6:30 बजे से एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणियां शुरू होंगी। वोट गिनती 14 नवंबर को होगी। पिछले चुनाव में एनडीए ने मगध और शाहाबाद क्षेत्रों में केवल 8 में से 48 सीटें जीती थीं।