एनडीए की भारी जीत के बाद नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को पटना के गांधी मैदान में 11:30 बजे दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेता इस समारोह में शामिल हुए। गठबंधन ने 243 में से 202 सीटें जीतीं, जिसमें भाजपा को 89 और जद(यू) को 85 सीटें मिलीं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने ऐतिहासिक जीत हासिल की, जिसमें 243 सीटों में से 202 सीटें जीतीं। भाजपा को 89, जनता दल (यूनाइटेड) को 85, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 19, हिंदुस्तान आवामी मोर्चा (सेक्युलर) को 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4 सीटें मिलीं। 19 नवंबर को नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया और एनडीए नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल को नई सरकार बनाने का दावा पेश किया।
शपथ ग्रहण समारोह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुआ, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी), ड्रोन निगरानी, 128 सीसीटीवी और 2500 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात थे। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जैसे नेता उपस्थित रहे।
नीतीश कुमार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा बने। नई कैबिनेट में भाजपा से 16 और जद(यू) से 14 मंत्री शामिल होने की उम्मीद है। भाजपा से मंगल पांडेय, रेणु देवी आदि और जद(यू) से विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार आदि शपथ लेंगे। अन्य दलों से भी मंत्री बनेंगे।
नीतीश का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2000 में पहली बार 7 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने। 2005 से भाजपा के साथ, 2013 में अलग हुए, 2015 में महागठबंधन, 2017 में वापस एनडीए, 2022 में फिर महागठबंधन और 2024 में एनडीए। यह उनका दसवां कार्यकाल है।