केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना जाना तय है, क्योंकि नामांकन प्रक्रिया में उनके अलावा कोई अन्य उम्मीदवार नहीं है। आज दोपहर 2 बजे लखनऊ में केंद्रीय नेताओं द्वारा उनकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। यह नियुक्ति 2027 विधानसभा चुनावों से पहले ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश भाजपा को 14 दिसंबर 2025 को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलेगा। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और महराजगंज से सात बार के सांसद पंकज चौधरी का निर्विरोध चुनाव तय है। नामांकन की समय सीमा शनिवार दोपहर 3 बजे समाप्त हो गई, और उनके अलावा किसी अन्य नेता ने पर्चा दाखिल नहीं किया।
आज दोपहर 2 बजे लखनऊ के पार्टी दफ्तर में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल पंकज चौधरी के नाम की औपचारिक घोषणा करेंगे। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके प्रस्तावक बने, जबकि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही और बेबी रानी मौर्य ने भी समर्थन दिया। चुनाव अधिकारी के रूप में विनोद तावड़े और महेंद्र नाथ पांडेय ने नामांकन स्वीकार किया।
पंकज चौधरी ने आजतक से बातचीत में कहा, 'पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मुझे नामांकन दाखिल करने को कहा था, जिसके बाद मैंने पर्चा भरा। मुझे पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।' वे कुर्मी समुदाय से हैं, जो उत्तर प्रदेश में ओबीसी का महत्वपूर्ण हिस्सा है और लगभग 8 प्रतिशत आबादी रखता है।
यह नियुक्ति 2027 विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, जहां समाजवादी पार्टी की पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) मुहिम का मुकाबला करने के लिए गैर-यादव ओबीसी को एकजुट करने पर जोर है। 2024 लोकसभा चुनावों में भाजपा को 33 सीटें मिलीं, जो 2019 की 62 से कम हैं, जबकि सपा को 37 मिलीं। 2022 विधानसभा में भाजपा की सीटें 312 से घटकर 255 हो गईं।
नए अध्यक्ष के सामने चुनौतियां हैं, जैसे संगठन और सरकार के बीच समन्वय, पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के बीच संतुलन, तथा 2026 पंचायत चुनावों में कार्यकर्ताओं को एकजुट रखना। चौधरी का संगठनात्मक अनुभव सीमित है, लेकिन संसदीय करियर लंबा है।