Indian and US officials shake hands unveiling interim trade deal framework, with flags, documents, and trade symbols.
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भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया

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भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी 2026 को एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए फ्रेमवर्क जारी किया, जिसमें अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को 18% तक कम करेगा और भारत अमेरिकी औद्योगिक तथा कृषि उत्पादों पर शुल्क घटाएगा। यह समझौता संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों की रक्षा करता है तथा द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार की शुरुआत बताया।

अमेरिका और भारत ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी किया, जो दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह घोषणा लगभग एक वर्ष की बातचीत के बाद आई है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फरवरी 2025 में शुरू की गई वार्ता शामिल है।

संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका भारतीय मूल की वस्तुओं पर पारस्परिक टैरिफ दर 18% लागू करेगा, जो पहले 25% था। इससे वस्त्र, परिधान, चमड़ा, फुटवियर, प्लास्टिक, रबर उत्पाद, जैविक रसायन, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी प्रभावित होंगे। सफल समापन पर, सामान्य फार्मास्यूटिकल्स, रत्न-हीरे और विमान पुर्जों पर टैरिफ शून्य हो जाएगा। अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लगाए गए स्टील, एल्यूमीनियम और तांबे से जुड़े टैरिफ भी हटा दिए हैं।

भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर सभी टैरिफ समाप्त या कम करेगा तथा सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, लाल ज्वार, वृक्ष मेवे, फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स जैसे कृषि उत्पादों पर शुल्क घटाएगा। हालांकि, मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील उत्पाद पूरी तरह संरक्षित रहेंगे। पीयूष गोयल ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह फ्रेमवर्क भारतीय निर्यातकों, विशेषकर एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के बाजार के द्वार खोलेगा। इससे लाखों नौकरियां सृजित होंगी।'

ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर भारत पर रूसी तेल खरीद के लिए लगाए 25% दंडात्मक टैरिफ हटा दिए, दावा किया कि भारत रूसी तेल की खरीद रोकेगा और अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदेगा। भारत अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी ऊर्जा, विमान, कीमती धातु, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा जताया है। दोनों देश डिजिटल व्यापार बाधाओं को दूर करने और आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन बढ़ाने पर सहमत हुए। यह फ्रेमवर्क मार्च तक पूर्ण समझौते की ओर इशारा करता है, जो वैश्विक व्यापार तनावों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करेगा।

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भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा तैयार किया

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6 फरवरी को भारत और अमेरिका ने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक संयुक्त बयान जारी किया। यह ढांचा अमेरिकी बाजार पहुंच, नियामक रियायतों और रणनीतिक संरेखण पर केंद्रित है, लेकिन संतुलन और पारस्परिकता की कमी पर चिंताएं व्यक्त की गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की आर्थिक स्वायत्तता को प्रभावित कर सकता है।

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया गया है, जिसमें भारत से निर्यात पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है। यह कदम भारतीय निर्यातकों को फायदा पहुंचाएगा, खासकर कपड़ा और हीरे जैसे क्षेत्रों में। हालांकि, रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी दावों को भारत ने स्पष्ट नहीं किया।

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भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत भारतीय निर्यात पर अमेरिकी शुल्क को 50% से घटाकर 18% करने पर सहमति जताई है, जिससे भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में कहा कि कृषि और डेयरी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह समझौता रूस के तेल खरीद पर लगे दंडात्मक शुल्क को हटाने से जुड़ा है।

भारत और यूरोपीय संघ ने लगभग 20 वर्षों की वार्ता के बाद व्यापक मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति जताई है। यह समझौता व्यापार बढ़ाने, शुल्क कम करने और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने में मदद करेगा। यूरोपीय संघ परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि यह वैश्विक व्यापार में स्थिरता का संदेश देगा।

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इंडिया टुडे-सी वोटर के मूड ऑफ द नेशन सर्वे में 45 प्रतिशत लोगों ने अमेरिकी टैरिफ के जवाब में रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने की मांग की है। सर्वे 8 दिसंबर 2025 से 21 जनवरी 2026 तक 36,265 लोगों पर किया गया। भारत ने अब तक इस मुद्दे को संयम से संभाला है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जो रूस के मामले जैसा ही है। इससे भारत पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ सकता है, जहां पहले से ही 50% टैरिफ लागू है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इससे भारत-ईरान व्यापार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है।

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The U.S. Trade Representative’s office announced on Monday that it will seek further reductions in foreign tariffs and non-tariff barriers, enforce reciprocal trade deals, and consider new unfair trade practices investigations. These pledges form part of the Trump administration’s 2026 Trade Policy Agenda, released over a week after the Supreme Court struck down President Donald Trump’s tariffs under the International Emergency Economic Powers Act.

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