6 फरवरी 2026 को जारी अमेरिका और भारत के संयुक्त बयान को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने असमान और अमेरिकी दुस्साहसिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता पारस्परिक नहीं है और भारत को कई प्रतिबद्धताएं निभानी पड़ रही हैं। बयान में भारत द्वारा अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क कम करने और 500 अरब डॉलर की खरीदारी का वादा शामिल है।
अमेरिका और भारत के बीच 6 फरवरी 2026 को जारी संयुक्त बयान एक अंतरिम समझौते के लिए ढांचा है, न कि पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए)। पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने अपने लेख में इसकी आलोचना की है, इसे धोखाधड़ी पर आधारित बताते हुए। उन्होंने कहा, 'हमने पहाड़ हिलाया और चूहा मिला।'
बयान के अनुसार, भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई खाद्य तथा कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त या कम करेगा। इसके विपरीत, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत का पारस्परिक शुल्क लगाएगा, जो 2 अप्रैल 2025 को लगाए गए 25 प्रतिशत से कम है। अमेरिका कुछ वस्तुओं जैसे जेनेरिक दवाओं, रत्नों और विमान भागों पर शुल्क हटाने का वादा तभी करेगा जब अंतरिम समझौता सफलतापूर्वक समाप्त हो। चिदंबरम ने पूछा, '0 प्रतिशत बनाम 18 प्रतिशत में पारस्परिकता कहां है?'
भारत अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों, आईसीटी वस्तुओं और खाद्य उत्पादों के लिए बाधाओं को दूर करने पर सहमत हुआ है, लेकिन अमेरिका पर कोई ऐसा दायित्व नहीं है। भारत अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों, विमानों, कीमती धातुओं, प्रौद्योगिकी उत्पादों और कोकिंग कोल की खरीदारी करने का इरादा रखता है। ट्रंप के कार्यकारी आदेश में भारत की रूसी तेल आयात बंद करने, अमेरिकी ऊर्जा खरीदने और रक्षा सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धताओं का उल्लेख है, जिसके बदले 6 अगस्त 2025 को लगाया गया 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क हटा दिया गया।
यदि भारत रूसी तेल आयात फिर शुरू करता है, तो अमेरिका 25 प्रतिशत शुल्क पुनः लगाने पर विचार कर सकता है। चिदंबरम ने कहा कि इससे पहले 2 अप्रैल 2025 से पूर्व, अमेरिकी शुल्क एमएफएन दर 3 प्रतिशत था। स्टील और एल्यूमीनियम पर 50 प्रतिशत तथा ऑटो घटकों पर 25 प्रतिशत शुल्क बने रहेंगे। व्यापार विशेषज्ञ अजय श्रीवास्तव के अनुसार, भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों पर गहरी छूट दे रहा है। चिदंबरम ने सवाल उठाया कि भारत 500 अरब डॉलर के लिए क्या खरीदेगा, जो भारत के छोटे व्यापार अधिशेष को मिटा देगा।