अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी की घोषणा के पहले दिन मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कम से कम आठ जहाज गुजर गए, जिनमें तीन ईरान से जुड़े टैंकर शामिल हैं। शिपिंग डेटा के अनुसार इन जहाजों पर नाकाबंदी का कोई असर नहीं पड़ा। अमेरिकी सेना का दावा है कि कोई जहाज नाकाबंदी तोड़कर नहीं गुजरा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल रहने के बाद ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी की घोषणा की। मंगलवार को इस नाकाबंदी के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही जारी रही।
शिपिंग डेटा के मुताबिक, कम से कम आठ जहाज गुजरे, जिनमें पनामा झंडे वाला 'पीस गल्फ' टैंकर शामिल है जो यूएई के हमरिया बंदरगाह जा रहा था। यह जहाज ईरानी नैफ्था ले जाता है लेकिन ईरानी बंदरगाहों की ओर नहीं था। इसी तरह, अमेरिका द्वारा बैन किए गए 'मुरलीकिशन' और 'रिच स्टैरी' टैंकर भी होर्मुज से गुजर चुके हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि पहले 24 घंटों में कोई जहाज नाकाबंदी पार नहीं कर सका और छह जहाजों को ईरानी बंदरगाहों की ओर लौटने के निर्देश दिए गए, जिनका पालन हुआ। पांच अन्य जहाज, जैसे केमिकल टैंकर और 'ओशन एनर्जी' कार्गो, भी गुजरे।
मानवीय सहायता वाले जहाजों को छूट है। चीन के विदेश मंत्रालय ने नाकाबंदी को 'खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना' बताया। जेनोआ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर फाब्रिजियो कोटिकिया के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोत ओमान की खाड़ी में तैनात हैं जो जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर करते हैं।