महाराष्ट्र कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस चोकालिंगम से मुलाकात की और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकल ने विशिष्ट जातियों और धर्मों के मतदाताओं को जानबूझकर बाहर करने और अनियमितताओं का आरोप लगाया।
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने 2 अप्रैल 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) एस चोकालिंगम से मुलाकात की और आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास को 'निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से' कराने की मांग वाला ज्ञापन सौंपा।
राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकल ने कहा, 'विशिष्ट जातियों और धर्मों के मतदाताओं को जानबूझकर बाहर किया गया, SIR अभियानों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं जो सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचा सकती हैं।' उन्होंने महाराष्ट्र में SIR को निष्पक्ष और जल्दबाजी रहित तरीके से कराने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि अन्य राज्यों में SIR को चुनाव से पहले जल्दबाजी में लागू किया गया, जिससे भ्रम, घबराहट और अविश्वास का माहौल बना। यह कांग्रेस विधायी दल नेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व मंत्री और कांग्रेस कार्य समिति सदस्य नसीम खान, AICC सचिव और तेलंगाना को-इनचार्ज सचिन सावंत, राज्य महासचिव एडव. संदेश कोण्डविलकर तथा राज्य महासचिव अभिजीत सपकल द्वारा अधिकृत था।
सपकल ने बताया कि महाराष्ट्र में SIR पहले 2002-04 के बीच 13 महीनों में किया गया था। अब 3.5 करोड़ अधिक मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए इसे 1.5 से 2 वर्ष लेना चाहिए, क्योंकि अगले 2-3 वर्षों में कोई चुनाव नहीं हैं।
कांग्रेस ने SIR डेटा सॉफ्ट कॉपी, OCR या मशीन-रीडेबल फॉर्मेट में, हार्ड कॉपी के साथ मांगा। आपत्तियां उठाने और नोटिस का जवाब देने के लिए कम से कम एक माह का समय, नाम हटाने से पहले 7 दिन का नोटिस, बूथ लेवल एजेंट (BLA) पंजीकरण के लिए विशेष अभियान तथा SIR डेटा को ERO और DEO स्तर पर 5 वर्ष तक संरक्षित रखने की मांग की।