नई नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री 'Queen of Chess' हंगेरियन शतरंज प्रतिभा जुडित पोलगार के जीवन में उतरती है, जिन्होंने पुरुष-प्रधान खेल में बाधाएं तोड़ीं। रори कैनेडी द्वारा निर्देशित, फिल्म सनडांस फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर हुई और उनके रिकॉर्ड तोड़ने वाले उपलब्धियों व परिवार-प्रेरित प्रशिक्षण को उजागर करती है। यह 6 फरवरी 2026 से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी।
हंगरी में जन्मी जुडित पोलगार ने 5 साल की उम्र में अपने पिता लास्ज़ló के मार्गदर्शन में शतरंज प्रशिक्षण शुरू किया। घर पर पढ़ाई कर खेल पर तीव्र फोकस रखा, 6 साल में पहला टूर्नामेंट जीता और 12 साल में दुनिया की शीर्ष महिला खिलाड़ी बनीं। 15 साल 4 महीने में उन्होंने बॉबी फिशर के 33 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा और सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बनीं। डॉक्यूमेंट्री में पोलगार (अब 49), उनकी बहनें सьюजन और सोफिया, माता-पिता, पति और ग्रैंडमास्टर मॉरिस एश्ले जैसे विशेषज्ञों के साक्षात्कार हैं। यह परिवार के कठोर रेजिमन की विवादास्पदता को खंगालता है, जिसे कुछ ने बाल शोषण माना, और शतरंज में सेक्सिज्म। आर्काइव फुटेज में बॉबी फिशर महिलाओं को 'भयानक शतरंज खिलाड़ी' और 'इतनी स्मार्ट नहीं' कहते दिखते हैं। पोलगार के करियर में गैरी कास्परोव जैसे टॉप खिलाड़ियों पर जीत शामिल है, जिनसे 1994 स्पेन के लिनारेस टूर्नामेंट में विवादास्पद मुकाबला हुआ। वहां कास्परोव पर अवैध नाइट मूव का आरोप लगा, लेकिन अधिकारी उनके पक्ष में फैसले सुनाए। 2022 के रीमैच में पोलगार जीतीं, इसे 'मेरे करियर का सबसे उल्लेखनीय पल' कहा। 1988 शतरंज ओलंपियाड में 12 साल की पोलगार ने हंगरी को सोवियत संघ हराकर गोल्ड दिलाया। 26 साल तक टॉप महिला खिलाड़ी रहने का गिनीज रिकॉर्ड रखने वाली पोलगार 2014 में नॉर्वे ओलंपियाड में सिल्वर के बाद रिटायर हुईं। आज वे टूर्नामेंट कमेंटेटर हैं और 'जुडित पोलगार टीचेज चेस' सीरीज की लेखिका। निर्देशक रори कैनेडी, कम्युनिस्ट हंगरी और सेक्सिस्ट शतरंज जगत में उनकी सहनशक्ति से आकर्षित, कहती हैं कि फिल्म व्यापक अपील करेगी: 'शतरंज न खेलें तो भी, यह सहनशक्ति, दृढ़ता और बाधाएं तोड़ने की कहानी है।' फिल्म प्रमुख गेम्स का विश्लेषण विजुअलाइजेशन से करती है, पोलगार के विकसित स्टाइल व साइकोलॉजी पर जोर देती, शादी व रिटायरमेंट जीवन को छूती।