प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि फुले ने समाज में बदलाव की मिसाल कायम की और शिक्षा को सभी तक पहुंचाया। यह उनकी 200वीं जयंती वर्ष की शुरुआत भी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, "हमारी धरती समय-समय पर विचार, त्याग और कर्म से समाज को मजबूत करने वाले महान पुरुषों और महिलाओं से आशीर्वादित रही है। महात्मा ज्योतिराव फुले ऐसी ही आवाज थे।"
मोदी ने फुले के शिक्षा के प्रति योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि फुले ने लड़कियों और हाशिए पर रहने वालों के लिए स्कूल खोले। फुले के उद्धरण का हवाला देते हुए कहा, "बच्चों में जो भी सुधार मां के माध्यम से आता है, वह अत्यंत मूल्यवान है। इसलिए स्कूल पहले लड़कियों के लिए खोले जाने चाहिए।"
पीएम ने फुले के सत्यशोधक समाज की स्थापना का उल्लेख किया, जो महिलाओं, युवाओं और ग्रामीणों की आवाज बना। उन्होंने फुले की पत्नी सावित्रीबाई फुले को भी याद किया, जिन्होंने प्लेग महामारी में सेवा करते हुए प्राण त्याग दिए।
मोदी ने अपनी सरकार की शिक्षा नीतियों को फुले के दृष्टिकोण से जोड़ा और समाज में न्याय की प्रतिबद्धता नवीनीकृत करने का आह्वान किया। उन्होंने 2022 में पुणे में फुले की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने का जिक्र भी किया।