प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मंत्रिपरिषद के साथ साढ़े चार घंटे की बैठक की जिसमें 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य और पश्चिम एशिया संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा हुई।
बैठक गुरुवार शाम पांच बजे सेवा तीर्थ में शुरू हुई और करीब साढ़े चार घंटे चली। इसमें सभी कैबिनेट मंत्री और राज्यमंत्री शामिल हुए। यह इस साल की पहली पूर्ण कैबिनेट बैठक थी और मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने से ठीक पहले हुई।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखें। उन्होंने ईज ऑफ लिविंग और सुधारों पर जोर दिया तथा लालफीताशाही कम करने और तेजी से काम पूरा करने को कहा।
बैठक में पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के गतिरोध से ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले असर पर भी चर्चा हुई। मोदी ने बायोगैस जैसे वैकल्पिक ईंधनों की खोज पर जोर दिया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री की पांच देशों की हालिया यात्रा की जानकारी दी।
नौ मंत्रालयों ने सुधारों और योजनाओं पर प्रस्तुतियां दीं। बैठक के दौरान मंत्रियों ने प्रधानमंत्री को उनकी विदेश यात्रा के लिए बधाई भी दी।