आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने त्रिपुरा में एक छात्र पर नस्लीय हमले के बाद भारत की एकता पर जोर दिया। उन्होंने भेदभाव को समाप्त करने और सभी को समान मानने का आह्वान किया।
आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हाल ही में त्रिपुरा में एक छात्र पर हुए नस्लीय हमले के बाद सामाजिक सद्भाव पर अपनी बात दोहराई। उन्होंने कहा कि सामंजस्य की पहली सीढ़ी अलगाव और भेदभाव की भावनाओं को समाप्त करना है। भागवत ने सार्वजनिक स्थानों और समाज में समावेशिता को बढ़ावा देने की अपील की, यह कहते हुए कि भारत सभी का है।
यह बयान राष्ट्रीय एकीकरण के महत्व को रेखांकित करता है, जहां धार्मिक रूपांतरण और सामाजिक एकजुटता जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। भागवत ने सभी को एक-दूसरे को समान मानने का आग्रह किया, जो सामाजिक समरसता को मजबूत करेगा। हमले की घटना ने देश में भेदभाव की समस्या को उजागर किया है, और आरएसएस प्रमुख का यह संदेश समावेशी समाज की दिशा में एक कदम है।