भारत-ईरान
जयशंकर ने अमेरिकी हमले के बाद ईरानी जहाज को सहायता देने पर स्थिति स्पष्ट की
AI द्वारा रिपोर्ट किया गया AI द्वारा उत्पन्न छवि
रायसीना डायलॉग 2026 में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना को डुबोने के बाद भारत द्वारा आईआरआईएस लावन को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति देने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मानवीय आधार पर लिया गया था और भारत यूएनसीएलओएस तथा अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन करता है। जयशंकर ने हिंद महासागर की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को समझने पर जोर दिया।
अमेरिकी प्रशासन द्वारा 30 दिनों की छूट दिए जाने के बाद पांच साल के अंतराल पर भारत-ईरान तेल व्यापार फिर शुरू हो गया है। ईरानी कच्चे तेल से लदा पिंग शुन नामक जहाज गुजरात के वाडिनार बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है। भारतीय रिफाइनरों द्वारा कच्चे तेल की कमी का सामना कर रहे समय यह डिलीवरी हो रही है।
AI द्वारा रिपोर्ट किया गया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की और पश्चिम एशिया में महत्वपूर्ण अवसंरचना पर हमलों की निंदा की। उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा और शिपिंग लेन को सुरक्षित रखने पर जोर दिया। पेजेश्कियन ने अमेरिका और इजरायल द्वारा आक्रमण रोकने को युद्ध समाप्ति की शर्त बताया।