まとめ
グローバル 05/11
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी लेकिन बहुमत हासिल नहीं कर पाई
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में डीएमके को भारी हार का सामना करना पड़ा जिसके बाद उत्तर प्रदेश के विधायक राजा भैया ने उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म पर टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले मिट गए। अभिनेता विजय की टीवीके पार्टी एक सौ आठ सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी लेकिन बहुमत से कम रही। कांग्रेस के समर्थन के बावजूद राज्यपाल ने बहुमत का प्रमाण मांगा जिससे डीएमके और एआईएडीएमके गठबंधन की चर्चाएं शुरू हो गईं। टीवीके को बहुमत साबित करने के लिए एक सौ अठारह विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा गया। एएमएमके प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने विजय की टीवीके पर गवर्नर को जाली समर्थन पत्र सौंपने का आरोप लगाया और चेन्नई में पुलिस शिकायत दर्ज कराई। इन घटनाओं से साफ है कि तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
- Raja Bhaiya taunts Udhayanidhi Stalin over Tamil Nadu poll loss
- DMK and AIADMK explore alliance to prevent Vijay government in Tamil Nadu
- Tamil Nadu governor asks TVK for proof of majority support
- Dhinakaran accuses TVK of forged support letter, files police complaint
केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने जीत हासिल कर दस साल बाद सत्ता संभाली
केरल विधानसभा चुनाव के परिणामों में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने निन्यानवे सीटें जीतकर एलडीएफ के दस साल के शासन को समाप्त कर दिया। सत्तारूढ़ एलडीएफ को मात्र पैंतीस सीटें मिलीं जबकि एनडीए ने तीन सीटें हासिल कीं। यह बदलाव दस वर्षों के बाद राज्य में सत्ता का हस्तांतरण दर्शाता है। कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में बैठक कर केरल के अगले मुख्यमंत्री पर चर्चा की जिसमें सोनिया गांधी को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दिया गया। इन परिणामों से राज्य की राजनीतिक दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
- UDF wins 99 seats in Kerala assembly polls, LDF reduced to 35
- Sonia Gandhi to take final call on Kerala chief minister
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद अभिषेक बनर्जी ने शाह को लेकर बयान नरम किया
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद अभिषेक बनर्जी का अमित शाह को चार तारीख को कोलकाता में रहने की चुनौती फिर से चर्चा में आ गई। टीएमसी की हार के बाद बनर्जी ने अपना रुख नरम करते हुए कहा कि भाजपा नेता बंगाल आएं लेकिन चुनाव के समय ही नहीं। राज्यपाल आरएन रवि ने ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार करने पर सात मई को विधानसभा भंग कर दी। नई भाजपा सरकार नौ मई को शपथ लेगी। इन घटनाओं ने राज्य में राजनीतिक बहस को फिर से जन्म दिया है और सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई है। बयानों और घटनाओं से स्पष्ट है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए मोड़ आ रहे हैं।
- Abhishek Banerjee's challenge to Amit Shah resurfaces after TMC defeat
- West Bengal assembly dissolved as BJP prepares for government
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ राठ की गोली मारकर हत्या की गई
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ राठ की बुधवार रात मध्यग्राम उत्तर चौबीस परगना में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना राजनीतिक तनाव को दर्शाती है और स्थानीय क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा रही है। हत्या के बाद पुलिस जांच शुरू हो गई है लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी की खबर नहीं है। इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक पृष्ठभूमि में हिंसा की एक नई कड़ी जोड़ दी है। अधिकारी से जुड़े इस हमले से राज्य में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पूरी घटना की जांच जारी है और राजनीतिक दल इसे गंभीरता से ले रहे हैं।
त्रिपुरा में भाजपा ने धर्मनगर उपचुनाव में निर्णायक जीत दर्ज की
त्रिपुरा की सत्तारूढ़ भाजपा ने धर्मनगर विधानसभा उपचुनाव में निर्णायक जीत हासिल की जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ मनिक साहा ने अगरतला में विजय जुलूस निकाला। पार्टी ने पश्चिम बंगाल और असम में भी जीत दर्ज की। इन सफलताओं से भाजपा के संगठनात्मक मजबूत होने का संकेत मिलता है। मुख्यमंत्री ने इस जीत को पार्टी की नीतियों की स्वीकृति बताया। उपचुनाव के परिणामों ने राज्य की राजनीतिक स्थिरता को और मजबूत किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया और अन्य राज्यों में भी इसी तरह की उपलब्धियां हासिल करने का संकल्प लिया गया। इन जीतों से भाजपा की क्षेत्रीय उपस्थिति बढ़ी है।