Koosteet

Maailmanlaajuinen 22. kesä

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को फ्रांस के एवियन में जी7 आउटरीच सत्र के दौरान वैश्विक स्तर पर विश्वास की कमी और पश्चिम एशिया संघर्ष में भारतीय नागरिकों की मौतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात की जिसमें द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई तथा व्यापार ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। बुधवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान मोदी ने कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहेगा और मानवता को सबसे ऊपर रखेगा तथा दोनों नेताओं ने व्यापार और औद्योगिक परियोजनाओं पर बातचीत की। गुरुवार को मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की दो देशों की यात्रा समाप्त करने के बाद नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इन घटनाओं से प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की भूमिका स्पष्ट होती है जिसमें शांति और सहयोग पर जोर दिया गया।

शिवसेना उबाठा के सांसदों के अलग समूह बनाने के दावों से महाराष्ट्र में राजनीतिक उथलपुथल

शिवसेना उबाठा के छह लोकसभा सांसदों द्वारा अलग समूह बनाने के लिए पत्र पर हस्ताक्षर करने के दावों ने महाराष्ट्र में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। इन छह सांसदों ने अठारह जून को संसदीय पार्टी की बैठक में शामिल नहीं होने से भी राजनीतिक उथलपुथल बढ़ गई। शिवसेना उबाठा के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई के भांडुप में एक रैली को संबोधित करते हुए विद्रोही सांसदों को टिकट देने की गलती के लिए जनता से माफी मांगी। इन घटनाओं से पार्टी के आंतरिक मतभेद और नेतृत्व की प्रतिक्रिया सामने आई है जो क्षेत्रीय राजनीति को प्रभावित कर रही है। पूरी जानकारी केवल उपलब्ध लेखों से ली गई है तथा कोई अतिरिक्त तथ्य शामिल नहीं किए गए।

Tämä verkkosivusto käyttää evästeitä

Käytämme evästeitä analyysiä varten parantaaksemme sivustoamme. Lue tietosuojakäytäntömme tietosuojakäytäntö lisätietoja varten.
Hylkää