93 सेवानिवृत्त सिविल सेवकों ने 20 जुलाई को दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि निहत्थे छात्रों के खिलाफ पैलेट, टेजर और निगरानी का इस्तेमाल जवाबदेही की मांग करता है।
सेवानिवृत्त अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई जवाबदेही और संवाद की मांग करती है।
यह मांग संसद मार्च के दौरान हुई घटनाओं के बाद आई है जिसमें कथित तौर पर बल का प्रयोग किया गया।
सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों पर कोई रियायत देने से इनकार कर दिया है।