तेलंगाना विधानसभा में पेश सीएजी रिपोर्ट ने 2024-25 वित्तीय वर्ष में राज्य की तनावग्रस्त वित्तीय स्थिति उजागर की है, जिसमें बजट का अपूर्ण उपयोग, राजस्व संग्रह में कमी और बढ़ते कर्ज का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य ने राजस्व व्यय में 80% और कुल व्यय में 80% ही खर्च किया।
तेलंगाना विधानसभा में सोमवार को पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट ने 2024-25 वित्तीय वर्ष में राज्य की सार्वजनिक वित्तीय स्थिति की चिंताजनक तस्वीर पेश की।
रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार ने राजस्व और पूंजीगत व्यय के लिए कुल 2,74,058 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया था, लेकिन वास्तविक व्यय 2,18,251 करोड़ रुपये रहा, जो 80% है। राजस्व व्यय में अनुमानित 2,20,945 करोड़ के मुकाबले 1,77,224 करोड़ खर्च हुए। हालांकि, पूंजीगत व्यय में 33,487 करोड़ के प्रस्तावित के विरुद्ध 36,072 करोड़ (108%) खर्च किए गए।
ब्याज भुगतान का बोझ अनुमान से अधिक रहा, जहां 17,730 करोड़ का अनुमान था लेकिन 27,803 करोड़ चुकाए गए। वेतन और भत्तों पर 28,093 करोड़ बजट के विरुद्ध 30,277 करोड़ खर्च हुए। राजस्व प्राप्ति में भारी कमी देखी गई, अनुमानित 2,21,242 करोड़ के मुकाबले 1,67,804 करोड़ (76%) ही एकत्र हुए। गैर-कर राजस्व 35,208 करोड़ के बजाय 23,608 करोड़ और केंद्र से अनुदान 21,636 करोड़ के विरुद्ध 7,913 करोड़ प्राप्त हुए।
परिणामस्वरूप, अपेक्षित राजस्व अधिशेष 297 करोड़ के बजाय 9,420 करोड़ का राजस्व घाटा हुआ। वित्तीय घाटा अनुमानित 49,256 करोड़ के करीब 48,922 करोड़ रहा, जिसे 65,537 करोड़ की ओपन मार्केट उधार से पूरा किया गया। कुल बकाया कर्ज 4,47,493 करोड़ हो गया, जिसमें गारंटी वाले कर्ज 2,41,528 करोड़ शामिल हैं।