दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर गिर गई है, जिसके कारण विषैले कोहरे और घने कोहरे ने इलाके को घेर लिया है। अधिकारियों ने प्रदूषण से निपटने के लिए जीआरएपी चरण-आईवी आपातकालीन उपाय लागू किए हैं। कक्षा 9 तक के छात्रों के लिए स्कूल कक्षाएं हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएंगी।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण की स्थिति तेजी से बिगड़ गई है, जिससे हवा की गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। घने कोहरे और विषैले धुंध ने दृश्यता को प्रभावित किया है, और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को बाहर रहने से बचने की सलाह दी है।
14 दिसंबर 2025 को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण-आईवी को सक्रिय कर दिया है, जो प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त उपायों की मांग करता है। यह कदम दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
स्कूलों के संबंध में, दिल्ली सरकार ने कक्षा 9 और कक्षा 11 तक के छात्रों के लिए कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। इससे छात्रों को शारीरिक और ऑनलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे, जो प्रदूषण के कारण होने वाले जोखिमों को कम करेगा। उच्च कक्षाओं के लिए कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया गया है, लेकिन स्थिति की निगरानी जारी है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कोहरे की चेतावनी जारी की है, जो परिवहन और दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर रही है। प्रदूषण नियंत्रण उपायों में वाहन प्रतिबंध और औद्योगिक गतिविधियों पर अंकुश शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में फसल अवशेष जलाने और वाहन उत्सर्जन मुख्य कारण हैं।