Delhi fuel station officer denying petrol to vehicle without valid PUC amid heavy smog and poor air quality.
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दिल्ली में 18 दिसंबर से बिना वैध पीयूसी के वाहनों को ईंधन नहीं

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दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए 18 दिसंबर से बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) वाले वाहनों को ईंधन स्टेशनों पर पेट्रोल और डीजल खरीदने से रोक दिया है। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को यह घोषणा की, जबकि शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स बुधवार सुबह 329 पर 'बहुत खराब' श्रेणी में रहा। यह कदम वाहन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है, जिसमें बीएस-वीआई अनुपालन न होने पर बाहरी वाहनों पर भी प्रतिबंध शामिल है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी हुई है, जहां बुधवार सुबह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 329 पर पहुंच गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में है। कई स्थानों जैसे आनंद विहार (341), आईटीओ (360), और वजीरपुर (360) पर एक्यूआई 300 से ऊपर रहा, जबकि धुंध ने शहर को ढक लिया।

पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने मंगलवार को घोषणा की कि 18 दिसंबर (गुरुवार) से बिना वैध पीयूसी वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। ईंधन पंपों पर चालान करने से पहले पीयूसी की जांच अनिवार्य होगी, और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) तथा ग्राउंड चेक से सत्यापन होगा। इसके अलावा, दिल्ली के बाहर पंजीकृत निजी वाहन जो बीएस-वीआई अनुपालन नहीं करते, शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। बीएस-आईवी डीजल वाहन नोएडा, गुड़गांव आदि से प्रतिबंधित हैं, और पकड़े जाने पर जब्ती संभव है।

ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत पहले से ही बीएस-आईआईआई पेट्रोल और बीएस-आईवी डीजल वाहन प्रतिबंधित हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 2015 आदेश से 10 वर्ष से पुराने डीजल और 15 वर्ष से पुराने पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित हैं, हालांकि इस वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने अस्थायी राहत दी। विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन दिल्ली के पीएम2.5 उत्सर्जन में 20% से अधिक योगदान देते हैं, और 37% वाहन बीएस-आईआईआई या पुराने हैं। राजीव मिश्रा ने कहा, 'वाहन पीएम2.5 लोड में लगभग 40% योगदान देते हैं।' अमित भट्ट ने जीरो-एमिशन वाहनों की आवश्यकता पर जोर दिया।

सरकार ने अन्य कदम भी उठाए: लैंडफिल साइटों पर बायोमाइनिंग 35,000 एमटी/दिन तक बढ़ाई, 45 एकड़ भूमि पुनः प्राप्त। उद्योगों पर 2,000 नोटिस, 9.21 करोड़ रुपये जुर्माना। 280 इकाइयों में ऑनलाइन मॉनिटरिंग। 3,427 इलेक्ट्रिक बसें जोड़ीं, 2026 तक 7,500 का लक्ष्य। डीजल जनरेटरों पर कार्रवाई, 10,000 इलेक्ट्रिक हीटर वितरित।

राजनीतिक विवाद भी चरम पर: आप ने सचिवालय के बाहर थाली बजाकर विरोध किया, सीएम को 'जगाने' का दावा। सिरसा ने पूर्व आप सरकार को दोषी ठहराया, जबकि भाजपा ने आप पर प hypocrisy का आरोप लगाया। सौरभ भारद्वाज ने जीआरएपी कार्यान्वयन न मानने का आरोप लगाया।

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