केंद्र सरकार ने आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के छह छंद वाले संस्करण को अनिवार्य कर दिया है। यह निर्देश राष्ट्रीय ध्वज फहराने, राष्ट्रपति और राज्यपालों के आगमन तथा भाषणों से पहले और बाद में लागू होगा। गीत की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है।
नई दिल्ली, 11 फरवरी 2026: केंद्र सरकार ने 'वंदे मातरम' के गायन और वादन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार, सरकारी कार्यक्रमों में इस राष्ट्रीय गीत के छह अंतरा वाले संस्करण को अनिवार्य किया गया है, जिसकी कुल अवधि 3 मिनट और 10 सेकंड है। यह नियम राष्ट्रीय ध्वज फहराने के दौरान, राष्ट्रपति के आगमन, उनके भाषणों या राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में लागू होगा। इसी तरह, राज्यपालों के आगमन और भाषणों से पहले और बाद में भी इसका पालन अनिवार्य है।
सरकार का उद्देश्य आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रीय गीत के सम्मान और प्रस्तुति में एकरूपता सुनिश्चित करना है। सभी सरकारी कार्यक्रमों में निर्धारित समय के अंदर ही गीत का गायन या वादन किया जाएगा।
'वंदे मातरम' बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित है, जो 7 नवंबर 1875 को बंगदर्शन पत्रिका में प्रकाशित हुआ था और बाद में उनके उपन्यास आनंदमठ (1882) में शामिल किया गया। यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बना। भारत का राष्ट्रीय गीत होने के नाते, यह मातृभूमि को पोषण करने वाली मां के रूप में चित्रित करता है।
स्रोतों के अनुसार, यह निर्देश आधिकारिक अवसरों पर तिरंगे के फहराने और राष्ट्रपति के आगमन के दौरान विशेष रूप से लागू होगा। कोई विरोधाभास नहीं पाया गया।