2025 में भारतीय छात्र ब्रॉड आर्ट्स, जनरल बिजनेस या पारंपरिक साइंस डिग्री जैसे कोर्स से दूर हो रहे हैं, जो माता-पिता अभी भी सुझाते हैं। विश्वविद्यालय प्रवेश और भर्ती रुझानों के आंकड़ों से पता चलता है कि छात्र अब स्पष्ट करियर से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता दे रहे हैं जो जल्दी नौकरी के अवसर बढ़ाते हैं।
भारतीय छात्रों की रुचि में बदलाव आ रहा है, जहां माता-पिता द्वारा सुझाए जाने वाले पारंपरिक कोर्स अब शीर्ष विकल्प नहीं रह गए हैं। 2025 के आंकड़ों के अनुसार, ब्रॉड आर्ट्स, जनरल बिजनेस और पारंपरिक साइंस डिग्री में दाखिले कम हो रहे हैं। इसके बजाय, छात्र ऐसे कार्यक्रम चुन रहे हैं जो सीधे रोजगार से जुड़े हों और कौशल विकास पर केंद्रित हों।
विश्वविद्यालय प्रवेश डेटा और भर्ती रुझान इस बदलाव को दर्शाते हैं। छात्र तेजी से नौकरी पाने वाले कौशलों को महत्व दे रहे हैं। यह प्रवृत्ति शिक्षा क्षेत्र में व्यावसायिक कोर्स की बढ़ती लोकप्रियता को उजागर करती है, जबकि मानविकी और सामान्य डिग्री में गिरावट आ रही है।