मुंबई की एक अदालत ने कांग्रेस पार्टी के कर्नाटक विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के वादे की जांच का निर्देश दिया है। यह वादा मई 2023 में पार्टी के शीर्ष नेताओं द्वारा किया गया था। याचिका में मल्लिकार्जुन खड़गे, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार का नाम लिया गया है।
मुंबई की एक अदालत ने कांग्रेस पार्टी के कर्नाटक चुनाव घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के वादे की जांच का आदेश दिया है। याचिका के अनुसार, मई 2023 में, कर्नाटक विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, कांग्रेस और उसके शीर्ष नेताओं - जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार शामिल हैं - ने घोषणापत्र जारी किया था। इसमें कहा गया था कि यदि वे सत्ता में आते हैं तो बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के कदम उठाएंगे।
यह घटना भारतीय राजनीति में धार्मिक संगठनों पर प्रतिबंध के वादों को लेकर विवाद को उजागर करती है। अदालत का यह निर्देश 6 जनवरी 2026 को जारी हुआ। स्रोतों में कोई विरोधाभास नहीं है, और यह केवल याचिका के दावों पर आधारित है।