केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने घोषणा की है कि स्थायी विमानन ईंधन (SAF) के निर्माण को पेट्रोलियम रिफाइनिंग उद्योग के अन्य उत्पादों की तरह पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी की आवश्यकता होगी। यह निर्णय हरित ईंधन के उत्पादन को विनियमित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि स्थायी विमानन ईंधन (SAF) का निर्माण पेट्रोलियम रिफाइनिंग उद्योग के अन्य उत्पादों के समान माना जाएगा और इसके लिए पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी अनिवार्य होगी। यह घोषणा 16 दिसंबर 2025 को की गई, जो पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम के रूप में देखी जा रही है।
मंत्रालय के अनुसार, SAF को हरित ईंधन के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन इसके उत्पादन पर पर्यावरणीय प्रभाव का मूल्यांकन जरूरी है। यह नीति विमानन क्षेत्र में टिकाऊ ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए नियामक ढांचे को मजबूत करेगी। कोई विरोधाभासी जानकारी उपलब्ध नहीं है, और यह निर्णय उद्योग के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश प्रदान करता है।