दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण शुक्रवार को 600 से अधिक उड़ानें विलंबित हो गईं, जिससे हजारों यात्री फंस गए। यह समस्या गुरुवार देर रात शुरू हुई थी और शाम तक ठीक कर ली गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने मैनुअल ऑपरेशनों के जरिए सेवाओं को जारी रखा।
दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर गुरुवार देर रात ऑटोमैटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) में तकनीकी खराबी का पता चला, जो एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को डेटा प्रदान करता है। इससे फ्लाइट प्लानिंग प्रभावित हुई। मंत्रालय ऑफ सिविल एविएशन ने तुरंत समीक्षा बैठक बुलाई और निर्देश दिए।
शुक्रवार को समस्या चरम पर पहुंची, जब कम से कम 600 उड़ानें विलंबित हुईं—हालांकि कुछ स्रोतों के अनुसार यह संख्या 800 से अधिक थी। यात्रियों को लंबी कतारों, रिशेड्यूलिंग और विमानों में इंतजार का सामना करना पड़ा। एक यात्री ने शिकायत की, 'मेरा इंदिरा फ्लाइट नागपुर से दिल्ली 1:40 बजे से 5 बजे तक लेट हुई, फिर पायलट बदलना पड़ा। बेहद निराशाजनक।'
एयरलाइंस ने सहायता प्रदान की। इंडिगो ने कहा, 'यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस चेक करने और जल्दी पहुंचने की सलाह।' एयर इंडिया ने बताया कि उनके स्टाफ ने यात्रियों की असुविधा कम करने में मदद की। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी अधिकारियों के साथ मिलकर देरी कम करने का प्रयास किया।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) की मदद से समस्या को शुक्रवार रात 9 बजे तक ठीक कर लिया। AAI के बयान में कहा गया, 'AMSS सिस्टम अब कार्यशील है, हालांकि कुछ काम बाकी हैं, लेकिन ऑटोमैटिक ऑपरेशन फिर से शुरू हो रहा है।' मैनुअल प्रोसेसिंग से संचालन धीमा रहा, लेकिन हवाई यातायात सुरक्षित रहा।
एविएशन विशेषज्ञों ने साइबर अटैक की संभावना नकार दी। AMSS उड़ानों के प्रस्थान और आगमन के लिए महत्वपूर्ण संदेशों का आदान-प्रदान करता है। इस गड़बड़ी का असर मुंबई जैसे अन्य हवाई अड्डों पर भी पड़ा। IGIA, भारत का सबसे व्यस्त एयरपोर्ट, प्रतिदिन 1500 से अधिक उड़ानें संभालता है।